जानिए कैसे क्रिप्टोकरेंसी होगी बांड, गोल्ड, शेयर की तरह

जानिए कैसे क्रिप्टोकरेंसी होगी बांड, गोल्ड, शेयर की तरह

भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी को बांड शेयर गोल्ड की तर्ज पर एसेट्स क्लास में सामिल करने जा रही है क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने के लिए रूपरेखा बन चुकी है इस विधेयक में ट्रेडिंग की मान्यता होगी

क्रिप्टोकरेंसी को सेवी रेगुलेट कर सकता है क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को तिन श्रेणियों में सुविधा ब्रोक्रेज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के रूप में बाटा जा रह है जा रहा है ब्रोकरेज खरीद विक्री ट्रेडिंग कारोबार के लिए इंटरफ़ेस उपलव्ध करेंगे इसमें GST की तरह TCS टैक्स एट सोर्स लिया जायेगा जोकि 18% हो सकता है 

RBI गवर्नर शशिकान्त दास ने क्रिप्टो पर चिंता जताई?

RBI गवर्नर ने क्रिप्टोकरेंसी आवासी मुद्राओ से देश की आर्थिक व वित्तीय स्थिरता से जुडी चिंता व्यक्त की वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने सभी पहलुओ पर ध्यान रखते हुए

क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबांध लगाने के स्थान पर इसके नियमन पर चर्चा की माना जा रहा है की भारत सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर विधयेक ला सकती है जिसमे करोड़ो निवेशको के निवेश को ध्यान में रखा जा कर विधेयक तैयार किया जायेगा

क्रिप्टोकरेंसी पर सांसदों व इंडस्ट्री की बैठक ने राय बनी की क्रिप्टोकरेंसी को रोक नही सकते है लेकिन नियम कानून बनाना आवश्यक है

क्रिप्टो करेंसी में SIP निवेश का नया मौका

अभी तक म्यूच्यूअल फण्ड आदि में ही SIP करने के विकल्प रहे है लेकिन अब निवेशक क्रिप्टो करेंसी  में भी SIP कर निवेश कर सकते है मार्किट में 40 प्रकार के क्रिप्टो करेंसी निवेश के लिए उपलब्ध हैं इनमें निवेशक SIP के साथ अपना पोर्टफोलियो भी बना सकते हैं क्रिप्टो के निवेश में १५०० परसेंट तक के दाबे किये जा रहे हैं इसमें कोई एक्स्पंस रेश्यो नहीं लिया जाता है क्रिप्टो करेंसी में होने बाले तेजी से उतार  चढाव के कारण क्रिप्टो SIP को अच्छा निवेश माना जा रहा है

जानिए बिटकॉइन की हार्ड लिमिट क्या है

जहा क्रिप्टो मार्किट में बिटकॉइन की मार्किट कैप 67000 डॉलर है यानि 54 लाख तक पहुच चुकी है लेकिन बिटकॉइन माइनिंग की हार्ड लिमिट नही बदल सकती है

बिटकॉइन बनाने के साथ ही सोर्स कोड में इसकी माइनिंग की अपर लिमिट 21 मिलियन यानि 2.1 करोड़ पहले ही तय की जा चुकी है अर्थात 21 मिलियन से अधिक बिटकॉइन नही बनाये जा सकते है अभी तक 18.78 मिलियन बिटकॉइन की माइनिंग की जा चुकी है ये बिटकिन की हार्ड लिमिट का 83 प्रतिशत है शेष 2 मिलियन बिटकॉइन जोकि 17 प्रतिशत है की माइनिंग शेष रही है यही बिटकॉइन की हार्ड लिमिट है

इंडोनेशिया ने क्रिप्टोकरेंसी पर लगाया प्रतिबन्ध

जहा भारत सहित अनेको देशो में क्रिप्टोकरेंसी पर करोड़ो निवेशक है और घाना सहित अफ्रीका के कुछ देश क्रिप्टोकरेंसी की तर्ज पर अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने के प्रयास में है वही दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बाहुल्य देश इण्डोनेशिया की नेशनल उलेमा काउंसिल ने क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित कर हराम घोषित किया है

उलेमा ने क्रिप्टोकरेंसी को मुसलमानों के लिए जुएबाजी चरात्रिक पतन एवं हानि जैसी स्तिथि मानते हुए हराम बताया है और अपने देश में क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्णप्रतिबंध लगा दिया है जबकि अलसलवाडोर देश ने क्रिप्टोकरेंसी को अपने देश में क़ानूनी मान्यता प्रदान की है यहा के नागरिक क्रिप्टोकरेंसी से अब खरीद बिक्री एवं लेन देन के कार्य सम्पादित कर सकेंगे

बिटकॉइन की कीमतों का प्रारंभ से अब तक उतार चढाव का सफ़र

बिटकॉइन की लॉन्चिंग के 4 साल बाद 2012 में पहली बार Halving Process हुआ जिसमे हर ब्लाक से 25 बिटकॉइन जेनरेट हुए और 2013 के अंत तक बिटकॉइन की कीमत 200 डॉलर पहुच गई 2016 में दूसरी Halving Process में 1 ब्लाक की माइनिंग से 12.5 बिटकॉइन जेनरेट हुए धीरे धीरे बिटकॉइन की कीमत बढती रही अगला हाल्विंग प्रोसेस 2020 में हुआ जिसमे एक ब्लाक से 6.25 बिटकॉइन जेनरेट हुए

जिसमे बिटकॉइन की कीमत 10000 डॉलर तक पहुच गई बिटकॉइन की कीमत अप्रैल 2020 में रिकॉर्ड हाई 65000 डॉलर पर चली गई इसके पश्चात एक तेज गिरावट का डोर आया और अगस्त 2021 में बिटकॉइन की कीमत फिर से चढ़ कर 50000 डॉलर पर आ चुकी थी अक्टूबर 2021 में फिर से बिटकॉइन की कीमत ने 67000 डॉलर का हाई रिकॉर्ड का सफ़र तय किया