Download और Upload क्या है | Download और Upload में क्या अंतर है?

Download और Upload क्या है | Download और Upload में क्या अंतर है?

Download और Upload क्या है: नमस्कार दोस्तों आशा करता हूं आप बिल्कुल ठीक होंगे आपका हार्दिक स्वागत है हमारे इस लेख में आज के इस लेख के मदद से हम  Download और Upload क्या है | Download और Upload  में क्या अंतर है, के बारे में संपूर्ण जानकारी पूरे विस्तार से जानने वाले हैं। दोस्तों आपको तो मालूम ही होगा कि अब इंटरनेट कितना ज्यादा पॉपुलर हो चुका है।

और लोग इंटरनेट के मदद से हर एक चीजों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर ले रहे हैं। और जो जानकारी उनको चाहिए हूं उसे डाउनलोड भी कर लेते हैं आपने देखा होगा कि पढ़ने वाले छात्र अपने परीक्षा में आने वाले सवाल से जुड़े सवाल को कितने आसानी से डाउनलोड कर लेते हैं ।

और उस का इस्तेमाल करके वह अपने परीक्षा में काफी अच्छा खासा नंबर लाते हैं वह उस क्वेश्चन का इस्तेमाल अपने प्रैक्टिस के लिए करते हैं । दोस्तों अगर इंटरनेट नहीं होता तो आज शायद ही ऐसा मुमकिन हो पाता इंटरनेट पर आपको दो चीज देखने के लिए मिलती है जिसमें से पहला है डाउनलोड और दूसरा है अपलोड ।

यह दोनों को देखने के बाद आपके मन में यह सवाल तू जरूर आया होगा कि आज ही डाउनलोड किया है और अपलोड किया है क्योंकि कई कई जगहों से हम मूवी गाने फिल्म इत्यादि जैसी चीजों को डाउनलोड करते हैं । और इंटरनेट पर कई सारे ऐसे जगह होते हैं जहां पर हमें कोई कोई चीज अपलोड करना होता है तो यह जाहिर सी बात है कि इसके बारे में आप लोगों को नहीं मालूम होगा। 

अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि इसके बारे में ना जानने वाले सिर्फ आप ही है तो आप बहुत गलत है क्योंकि आपके जैसे कई सारे लोग हैं। जो इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं और उनका सवाल रहता है कि आखिर डाउनलोड क्या होता है । और अपलोड क्या होता है और डाउनलोड और अपलोड में क्या-क्या अंतर होता है कौन कौन सी ऐसी चीज है ।

जिनकी वजह से डाउनलोड और अपलोड अलग-अलग होते हैं।ओकय डाउनलोड का इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है अपलोड का इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है। तो दोस्तों उन्हीं सभी सवालों का जवाब देने के लिए हमने इस लेख को को लिखा है और इस लेख में डाउनलोड और अपलोड से  जुड़ी सभी जानकारी प्रदान की है।

 अगर आप सच में डाउनलोड और अपलोड से जुड़ी जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से मेरा यह अनुरोध है । कि आप मेरे इस लेख को ध्यान से पूरा अंत तक पड़े तभी आप को मेरा या लेख अच्छे से समझ में आएगा तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए।

डाउनलोड क्या है ? (What is download in Hindi)

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर डाउनलोड क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की Downloading का अर्थ होता है की files का ट्रांसफर होना एक server से किसी छोटे (smaller)  peripheral unit यानी कि (personal system) में। 

हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि इस में अलग अलग तरह कब servers से data ट्रांसफर होता है आप के computer में जब आप किसी भी चीज़ की download request करते हैं तब, अगर इसे computer नेटवर्क की भाषा में कहें तब ‘to download’ का मतलब है की अपने local system या रिमोट सिस्टम में data receive करना जब डेटा ट्रांसफर होने के लिए initiate किया जाता है।

क्या आपको मालूम है कि यहाँ पर डेटा को internet से कंप्यूटर में retrieve किया जाता है. इसके अलावा हम इन डौनलोडेड files को temporarily सेव भी कर सकते हैं । और उन्हें उपयोग होने के बाद डिलीट भी कर सकते हैं या फिर उन्हें डौनलोडेड कर उसे permanently स्टोर यानी कि आप अपने डिवाइस में जमा भी कर सकते हैं और लम्बे समय के लिए इस्तमाल कर सकते हैं।

क्या आपको मालूम है कि ये downloaded files कभी कभी automatically यानी कि अपने आप ही फ़ाइल मैनेजर में store हो जाते हैं कुछ particular लोकेशन में आप के कंप्यूटर या किसी दुसरे device में। दोस्तों इन्हें automatically ऑक्सीससेड किया जा सकता है उन लोकेशन्स से जब जरुरत होती है। 

गाइस अगर वहीँ हम दुसरे cases में, उपयोगकर्ता भी लोकेशन का चुनाव कर सकता है की वो कहाँ पर सभी downloaded फाइल्स को सेव करना चाहता है जिस से की उसे ढूंडने में बहुत ही आसानी हो। और क्या आप को मालूम है कि डौनलोडेड का मतलब है की डेटा रिसीव करना i.e. जो भी downloading करने के लिए ऑफ किया गया वो डौनलोडेड किया जा सकता है।

क्या आपको मालूम है कि आप इंटरनेट से कोई भी प्रकार के files को डौनलोडेड कर सकते हैं जैसे की documents, videos, music, images और software. Download speed is को measure किया जाता है megabits per second यानी कि (Mbps) मे।

 तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से डाउनलोड होता है और इसे डाउनलोड किया जाता है तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और डाउनलोड और अपलोड से जुड़ी कुछ नई जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

यह भी परे:

अपलोड क्या है (What is upload in Hindi)

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अपलोड क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की Uploading का अर्थ होता है की फाइल्स का ट्रांसफर होना छोटे peripheral system से बड़े central सिस्टम में जिन्हें की सर्वर भी कहा जाता है।

दोस्तों क्या आप को मालूम है कि अगर इसे computer नेटवर्कस की language में कहें तब ‘to upload’ का अर्थ होता है किसी भी data को रिसीव करना एक remote system में एक लोकल सिस्टम से। हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि यहाँ पर data को computer से retrieve किया जाता है इंटरनेट में।

हम आपको एक बात और बता दे कि सब से common type की अपलोडिंग वो होती है जहाँ की एक उपयोगकर्ता कोई digital file को इंटरनेट के server में अपलोड करते हैं। ये उपलोअडेड files फिर किसी वेबसाइट के servers में store हो जाता है और इसे कोई भी देख सकता है जिसके पास इंटरनेट को access करने की सुविधा बेहतरीन तरह से हो।

गाइस इस के अलावा ऐसे बहुत सारे अलग अलग तरह की वेबसाइट हैं जो की अपने उपयोगकर्ता users को अलोव करते हैं डिजिटल files को अपलोड करने के लिए जिन्हें की वो store भी कर सकते हैं। क्या आपको मालूम है कि ये यूज़र्स को मदद करती है ज्यादा से ज्यादा और बड़े files स्टोर करने के लिए इंटरनेट में, क्यूंकि उनकी अपनी limited स्टोरेज कैपिसिटी होती है ।

उन के कंप्यूटर या कोई दुसरे devices में. चूँकि बहुत सारे स्टोरेज websites में file upload करना allowed है, इसलिए ये दुसरे users या दुसरे डिवाइस को allow करती है उन अपलोडेड files को एक्सेस करने के लिए। इस के साथ एक और बात में है की इन सभी  को पब्लिक भी किया जा सकता है।

जिस से हर कोई इसे एक्सेस कर सकता है और private भी किया जा सकता है जिस से  इस में permission की जरुरत होती है इसे एक्सेस करने के लिए। file sharing या Uploading files होता है P2P network में जो की हमेशा होता है peer कंप्यूटर्स के बिच जहाँ की uploading server-client technology का उपयोग होता है, यहाँ पर अपलोडिंग होता है

क्या आपको मालूम है कि no. of clients से एक particular मशीन पर जिसे की सर्वर कहा जाता है। Upload speed को measure किया जाता है megabits per second यानी कि (Mbps) में। तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से अपलोड होता है और इसे अपलोड किया जाता है तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और डाउनलोड और अपलोड से जुड़ी कुछ नई जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

File Sharing क्या है? (What is file sharing in Hindi)

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर File Sharing क्या है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की P2P यानी कि (peer to peer) file sharing यूज़र्स को allow करते हैं।

क्या आपको मालूम है कि media files जैसे की books,  movies, music, और games को access करने के लिए हमे P2P सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के मदद से जो की सर्च करता है। और दुसरे connected कंप्यूटर्स को जो की उस P2P यानी कि (peer to peer) network में connected होते हैं ।

जिस से की desired content को आसानी से लोकेट किया जा सके। यहाँ पर कुछ ऐसे नेटवर्क्स के nodes (peers) end-user कंप्यूटर सिस्टम होते हैं जो की इंटरनेट की मदद से interconnected होते हैं। P2P यानी कि (peer to peer) थोडा अलग होते हैं जिस। में की server-client टेक्नोलॉजी होती है क्यूंकि यहाँ पर files डौनलोडेड होते हैं server से और इसी को ही हम file sharing भी कहते है।

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से file sharing होता है और इसे file sharing किया जाता है तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और डाउनलोड और अपलोड से जुड़ी कुछ नई जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

अपलोड (Upload) और डाउनलोड (Download) में क्या अंतर होता है ?

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अपलोड (Upload) और डाउनलोड (Download) में क्या अंतर होता है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की हमने अपलोड (Upload) और डाउनलोड (Download) के सभी अंतरों को नीचे में स्टेप बाई स्टेप कर के लिखा है तो आप उन्हें ध्यान से पढ़े और समझे ।

Upload : दोस्तों क्या आप को मालूम है कि इस में कोई भी File की Copy छोटे पेरीफेरल system से एक बड़े Central system पर होती है।

Download : और उसी तरह दोस्तों Download में किसी भी File का transfer एक बड़े सर्वर से छोटे पेरीफेरल यूनिट (peripheral unit) पर होता है।

Upload : दोस्तों क्या आपको मालूम है कि इस में remote system से server system तक कई तरह के data send किया जाता है।

Download : दोस्तों कुछ इसी प्रकार से इस में server से personal system पर डाटा रिसीव किया जाता है तो यह भी upload or download का बहुत बड़ा अंतर में से एक है।

Upload : दोस्तों ये बात तो आप को मालूम ही होगा कि upload download के प्रॉसेस से बिलकुल विपरीत होता है।

Download : तो दोस्तों ठीक उसी तरह download upload से विपरीत होता है।

Upload : दोस्तों क्या आप को मालूम है कि जब किसी server में कोई file upload हो रही हो तो Server में ज्यादा Space की आवश्यकता होती है।

Download : ठीक उसी तरह से दोस्तों जब कोई file upload हो रही हो तो कंप्यूटर या डिस्क में ज्यादा स्पेस होना आवश्यक होता है।

Upload : किसी भी फ़ाइल uploading में client से server तक data transfer होता है।

Download : तो दोस्तों कुछ इसी प्रकार से डाउनलोड में Server से Clint तक data server होता है।

Upload : दोस्तों क्या आप को मालूम है इस में दूसरों से भी आसानी से file access की जा सकती है।

Download : अगर आपको मालूम नही है तो हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि इस में फाइल्स केवल Local System के Owner द्वारा ही access की जा सकती है।

Upload : दोस्तों क्या आपको मालूम है कि uploading में किसी Files को Uplod करना फाइल के Size पर पूर्ण रूप से निर्भर करता है।

Download : वही चीज़ को अगर हम downloading में किसी फाइल को Downlod करना File के साइज पर निर्भर करता है।

Upload : अगर आपको मालूम नही है तो हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि uploading में वायरस का कोई भी खतरा नहीं होता है इससे हमारी device में कोई virus प्रवेश नहीं कर सकते है।

Download : अगर आप को मालूम नही है तो हम आपके जानकारी के लिए बता दे कि downloading में virus का खतरा बना रहता है जब हम किसी भी फाइल को अपनी फाइल में downloaded करते है तब उस file से वायरस आने का खतरा बना रहता है

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से ही uplod और download में अंतर होता है अगर हम इसे सामान्य रूप से देखे तो जो एक दूसरे के विपरीत है और एक दूसरे के उल्टा काम भी करते हैं एक तरफ जहां डाउनलोड को कहीं से डाउनलोड किया जाता है उसी तरह से हम उस डाउनलोड की गई चीजों को कहीं पर अपलोड भी कर सकते हैं तो कुछ इस प्रकार से uplod और download में अंतर होता है। तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं और डाउनलोड और अपलोड से जुड़ी कुछ नई जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

Safe Downloads करने के लिए बेहतरीन Tips

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर Safe Downloads करने के लिए बेहतरीन Tips कौन कौन से होते है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की हमने Safe Downloads करने के लिए सभी बेहतरीन Tips को नीचे में स्टेप बाई स्टेप कर के लिखा है तो आप उन्हें ध्यान से पढ़े और समझे ।

  • गाइस जब भी आप कोई file डौनलोडे कर रहे हों तब कंप्यूटर पर चल रहे सारे applications को बंद कर दें जिस से की आप को डौनलोडे करने में आसानी हो और आप के बिना इजाजत के कोई भी ऐसी वैसे चीज़ अपने डिवाइस में install नहीं हो जाये।
  • सारी महत्वपूर्ण जानकारी applications को बंद कर दें ता कि आप किसी भी चीज़ को safely डौनलोडे कर सकें।
  • क्या आपको मालूम है कि Firewalls, Antivirus, को अच्छे से set करें ताकि वो actively आप के डौनलोडेड files को अच्छी तरह से scan करे वो बजी automatically।
  • गाइस आप हमेशा email के attachments को बिना स्कैन किये जाने वाले चीज़ों को download न करें।
  • अपने system में हमेशा अपडेटेड antivirus, spam filter और स्पीवारे का ही उपयोग करें।
  • कभी भी ऐसे files जैसे की music, video, या तरह तरह का कोई भी games किसी untrusted websites से डौनलोडे न करें जिस पर आपका विस्वास न हो।
  • दोस्तों आप किसी भी चीज़ को डौनलोड करने से पहले हमेशा वेबसाइट का URLs जरूर चेक करें और केवल secure और प्रसिद्ध websites जो की HTTPS का ही उपयोग करते हैं बस उन्ही से ही content डौनलोड करें। हो आमतौर ओर Https refer करता है  यानी कि “hypertext transfer protocol secure”. का हो।
  • Download केवल trust worthy जैसे sites से ही करें और किसी attractive डील्स के झांसे में कभी भी न आयें।
  • दोस्तों यदि आप किसी वेबसाइट में कोई ख़राब शब्द प्रदर्शित हुआ तब उसे वहीँ बंद करे दें ताकि इससे आप के सिस्टम में कोई unwanted सोफ़ीवारे या freeware डोवेनलोड न ही जाये।
  • मित्रो आप हमेशा डौनलोड करने से पहले किसी भी file की size जैसे जरूरी चीज जातुर check करें क्यूंकि कई कई बार जैसे आप डौनलोड करते हैं वैसे ही कई बार उन की size बढ़ जाती है जो की आपके लिए सही नहीं है।
  • दोस्तों आप कभी भी ऐसे लुभावने links पर क्लिक्स न करें जो की आपको बहुत सारे paid चीज़ें मुफ्त में प्रदान करने का आफर करती हैं क्यूंकि ये अक्सर स्पैम लिंक्स होते हैं।
  • क्या आपको मालूम है कि आप को ऐसे links पर click न करें जो की automatically downloading शुरू कर देता है।

तो दोस्तों आप हमारे बताए गए तरीकों का इस्तेमाल करके यह किसी भी वेबसाइट से आप अपने मन की चीजों को से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं अगर आपको लगता है। कि वह वेबसाइट आपके लिए trustable है तब ही आप उसमें साइट पर विजिट करें अथवा ना करें तो चलिए अब हम अगले टॉपिक की ओर बढ़ते हैं, और डाउनलोड और अपलोड से जुड़ी कुछ नई जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

अपलोड (Upload) की स्पीड डाउनलोड (Download) की स्पीड से क्यो कम होती है ?

दोस्तों अगर आप के मन में यह सवाल है कि आखिर अपलोड (Upload) की स्पीड डाउनलोड (Download) की स्पीड से कम होती है, तो आप हमारे इस टॉपिक के साथ अंत तक बने रहिए क्योंकि इस टॉपिक में हम इसी पर विचार विमर्श करने वाले हैं। 

तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए हम आप की जान कारी के लिए बता दे की क्योंकि high speed internet connection ( हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शंस  ) जिस में cable comdex और डीएसएल आते है।

 वे सारे asymmetric होते है और उन्हें ख़ास तौर से ऐसे design किया जाता जिससे वे uploading की तुलना में downloading में बेहतर स्पीड दे सकें। अपलोडिंग की अपेक्षा downloading की स्पीड अधिक होती है इसका यह भी कारण होता है की ज्यादातर user ज्यादा समय डाउनलोडिंग में लगाते है । 

uploading की अपेक्षा इस कारण भी हाई स्पीड प्रोवाइडर (high speed provider) अपने सिस्टम को ऐसे design करते है जो download  को जयादा प्राथमिकता देते है।

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार से अपलोड (Upload)  की स्पीड डाउनलोड (Download) की स्पीड से कम होती है और यही कारण होता है ।

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